Russia Ukraine War: युद्ध में भारत बनेगा ' बुद्ध' | Bharat Ki Baat
पिछले 34 दिनों में रूसी राष्ट्रपति पुतिन को समझाने की कई देशों ने कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने. लेकिन बीते शनिवार को तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने पुतिन से फोन पर लंबी चर्चा करते हुए उनसे जंग रोकने की गुहार तो लगाई ही लेकिन साथ ही दोनों देशों के बीच शांति वार्ता इस्तांबुल में करने के लिए उन्हें राजी भी कर लिया. ऐसे संकेत हैं कि अब तुर्की के अनुरोध पर ही पुतिन यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से आमने-सामने की वार्ता के लिए भी तैयार हो सकते हैं. क्योंकि उस बैठक के बाद ही वे अपनी शर्तों पर जंग रोकने का एलान करेंगे. सचमुच अगर ऐसा हो जाता है, तो इसे रूस या यूक्रेन की हार नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तुर्की की कूटनीतिक जीत ही माना जायेगा.























